Wednesday, January 15, 2020

दिल्ली: आम आदमी पार्टी में 'बाहरी' नेताओं को टिकट देने से छिड़ा असंतोष

आगामी विधानसभा चुनावों के लिए आ.आ.पा. ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा की और पार्टी में घमासान छिड़ गया। उम्मीदवारों की सूचि में दूसरी पार्टियों से आए हुए "इम्पोर्टेड" या "भगोड़े" नेताओं को बड़ी संख्या में टिकट दी गई है।
  • पार्टी ने इस बार 15 विधायकों को टिकट नहीं दिया है
  • कांग्रेस से आए छह लोगों को टिकट दिया है
  • एक सीट पर बीएसपी से आए नेता टिकट दिया है
  • इस बार दो बड़े मिठाई वाले भी मैदान में हैं
  • सोमवार को ही कांग्रेस व बसपा से पांच नेता आप में आए थे। आप ने इन सभी को टिकट दिया है
  • विधायक एनडी शर्मा ने टिकट न मिलने पर आप से इस्तीफा दे दिया
  • हरि नगर सीट: विधायक जगदीप सिंह का टिकट काटा है
  • कांग्रेस से आए दीपू चौधरी को अनिल वाजपेयी के पार्टी छोड़ने से टिकट मिला है
क्या पार्टी ने पैसे लेकर सीटों को नीलाम कर दिया है? पार्टी के नेता और कार्यकर्त्ता यह सोच कर परेशान हैं। और ऐसा हो भी सकता है। पिछली विधानसभा में ७० में से ६७ सीट जब पार्टी के पास हो, तो ८-१० सीट अगर पैसे वाले मोटे असामियों को दे दिया जाय तो भी क्या फर्क पड़ेगा? ऐसे में आ.आ.पा. के कुछ नेताओं के वक्तव्य पढ़िए:


फिलहाल तो पार्टी में टूट-फूट की बड़ी सम्भावनाएँ दीखती हैं। कार्यकर्ताओं और निकाले गए नेताओं का असंतोष अगर जमीन पर असर दिखाता है तो इसका चुनाव परिणामों पर असर दिखना तय है। फिलहाल "एंटी इंकम्बेंसी" के कारण भी आ.आ.पा. का वापस चुनाव जीतना मुश्किल लग रहा है। और ऐसे में भगोड़े नेताओं को टिकट बाँटना पार्टी को और गर्त में ले जायेगा। 

नई दिल्ली विधान सभा क्षेत्र के विधायक अरविन्द केजरीवाल के कामों में त्रुटियाँ

नई-दिल्ली विधान सभा क्षेत्र के वर्त्तमान विधायक मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल हैं। मुख्यमंत्री होने के नाते उनसे काफी अपेक्षाएं थीं। पर वास्तविकता निम्नांकित है: 

  • विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाली झुग्गियों को ‘जहां-झुग्गी वहां मकान’ देने का वादा था, लेकिन एक भी झुग्गी की जगह मकान नहीं मिला।
  • एनडीएमसी इलाके में कुछ ही इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, अभी तक दो हजार कैमरे का ऑर्डर दिया गया है, जिसमें से 20 फीसद कैमरे ही लगे हैं।
  • क्षेत्र में करीब नौ हजार झुग्गी बस्तियां हैं, जिनमें से 20 फीसद को ही बिजली के कनेक्शन मिल पाए हैं।
  • जो स्ट्रीट लाइट लगाने की बात हो रही है, वह एनडीएमसी के स्मार्ट सिटी फंड से लगाई है।
  • पूरी विधानसभा में फ्री वाई-फाई देने का वादा किया गया था, लेकिन जो वाई-फाई शुरू हुआ है, वह एनडीएमसी की स्मार्ट सिटी योजना के तहत लगे हैं।

शशि थरूर ने केजरीवाल को किन्नर कहा; फिर किन्नरों से माफी माँगी। मतलब खुद समझिए

शशि थरूर ने सोमवार की रात आरोप लगाया था कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) व राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के मुद्दे पर केजरीवाल दोतरफा रवैया अपना रहे हैं। एक तरफ वह बयान के जरिये दोनों कानूनों की निंदा करते हैं और दूसरी तरफ इस दिशा में कोई प्रभावी कदम भी नहीं उठा रहे। थरूर ने एक टीवी चैनल से कहा था, ‘केजरीवाल वास्तव में बिना जिम्मेदारी के सत्ता चाहते हैं, जिसे हम सदियों से किन्नरों का विशेषाधिकार समझते रहे हैं।’ 

उनकी इस टिप्पणी को ट्रांसजेंडरों (किन्नरों) के प्रति पूर्वाग्रही बताया गया और समुदाय से माफी मांगने के लिए कहा गया। शशि थरूर ने मंगलवार की सुबह ट्वीट किया, "मैं उन लोगों से माफी मांगता हूं, जिन्हें जिम्मेदारी के बिना सत्ता वाली मेरी टिप्पणी अपमानजनक लगी।"

इसमें गौर करने वाली बात ये है कि शशि थरूर ने केजरीवाल को किन्नर कहा; फिर किन्नरों से माफी माँगी। मतलब खुद समझिए।

श्रोत: IT; TW 

दिल्ली : आप सरकार की शिक्षा मॉडल आपराधिक और छात्र विरोधी

कांग्रेस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी करके आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की शिक्षा मॉडल को छात्र विरोधी करार दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने कहा कि शिक्षा के लिए आवंटित बजट का 46 फीसद राशि खर्च करने में विफल रही आप सरकार अपने शिक्षा मॉडल को सबसे बेहतर बता रही है। उन्होंने शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया पर तंज कसते हुए कहा कि यदि उनके शिक्षा मॉडल को किसी भी राज्य में लागू किया गया तो वहां के सरकारी स्कूल भी बर्बाद हो जाएंगे। दिल्ली की तरह उस राज्य के सरकारी स्कूल से भी बच्चे निकलने शुरू हो जाएंगे। पूर्व शिक्षा मंत्री अर¨वदर सिंह लवली ने कहा कि आप सरकार ने दिल्ली के बच्चों के साथ बड़ा अपराध करके उन्हें दो श्रेणियों मे बांट दिया है। इससे बच्चों के मन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में बने कमरों पर सफेदी करके ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया गया है।

उन्होंने कहा:

  1. केजरीवाल सरकार ने पांच सालों में शिक्षा के लिए निर्धारित 26,577 करोड़ में से केवल 12,243 करोड रुपये ही खर्च किया है।
  2. चार सालों में सरकारी स्कूलों में 1.32 लाख बच्चे कम हो गए हैं, जबकि दिल्ली की आबादी बढ़ी है।
  3. स्कूलों में शिक्षकों के 65 फीसद पद खाली हैं।
  4. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद कर दी गई है।
  5. पांच सौ नए स्कूल बनाने का वादा करने वाली इस सरकार के कार्यकाल में पांच सौ स्कूलों में ¨प्रसिपल नहीं हैं।
  6. कांग्रेस के शासन में 232 नए स्कूल खोले गए थे और 312 स्कूलों को अपग्रेड किया गया था। वहीं आप सरकार ने मात्र छह स्कूल बनाए हैं, वह भी अधूरे हैं।
  7. वर्ष 2013 में बोर्ड परीक्षा परिणाम 99.45 फीसद था, आज घटकर 68.90 फीसद रह गया है।
इस मौके पर पूर्व विधायक अनिल भारद्वाज व निगम पार्षद कैप्टन ख¨वद्र सिंह भी मौजूद थे।

- जागरण से साभार

दिल्ली : बेघरों की मौत हो रही और मुख्यमंत्री केजरीवाल गीत गा रहे हैं

भाजपा ने गैर सरकारी संस्था के आंकड़ों को आधार बनाकर ठंड से बेघरों की मौत के लिए आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली में पिछले 40 दिनों में 413 बेघर लोगों की ठंड से मौत हो गई है। बीते एक वर्ष में 3,623 बेघर लोगों की मौत हो जाती है और मुख्यमंत्री गीत गा रहे हैं ‘अच्छे बीते पांच साल, लगे रहो केजरीवाल’।

उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले केजरीवाल ने बेघर लोगों की मौत को बड़ा मुद्दा बनाया था। बेघरों के लिए स्थायी एवं अस्थायी आश्रय गृह बनाने की घोषणाएं की थी पर आज पांच साल बाद भी ठंड से बेघर मर रहे हैं। मुख्यमंत्री गरीबों को घर देना तो दूर राजनीतिक विद्वेष के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना लागू नहीं कर रहे हैं। इस योजना के तहत गरीबों को मकान उपलब्ध कराया जाना है।

नई दिल्ली की सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि सबसे बड़ा झूठ दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया बोल रहे हैं। वह दिल्ली के लोगों को भाजपा के खिलाफ भड़काने के लिए सांसद प्रवेश वर्मा की बातों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे है। वह भ्रम फैला रहे हैं कि भाजपा की सरकार आने पर मुफ्त योजनाएं बंद कर दी जाएंगी। जबकि सच्चाई यह है कि भाजपा की सरकार आने पर गरीबों व अन्य दिल्लीवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने वृद्धावस्था व दिव्यांग पेंशन योजना सहित कई जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद करवा दिया है। किसान सम्मान निधि, आयुष्मान भारत योजना को केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में लागू नहीं होने दिया और अब मुफ्त सेवा का दिखावा कर रही है। उन्होंने दिल्ली की मंडियों में मंदी के लिए आप सरकार को जिम्मेदार ठहराया।

- दैनिक जागरण / १५ जनवरी