Tuesday, January 28, 2020

दिल्ली: अगर भाजपा की सरकार बनी तो सरकारी जमीन पर बनी सभी मस्जिदें हटवा दूंगा: प्रवेश वर्मा

पश्चिमी दिल्ली से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के बेटे प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली में अगर भाजपा की सरकार बनी तो सरकारी जमीन पर बनी सभी मस्जिदें हटवा दूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बनने के एक घंटे में ही शाहीन बाग धरना भी खत्म हो जाएगा। 

विकासपुरी विधानसभा क्षेत्र में प्रचार के दौरान प्रवेश ने कहा, ‘‘अगर 11 फरवरी को भाजपा दिल्ली में सरकार बनाने में कामयाब होती है, तो शाहीन बाग में एक भी प्रदर्शनकारी नजर नहीं आएगा। सरकार बनने के एक महीने के भीतर अपने लोकसभा क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बनी सारी मस्जिदें हटवा दूंगा।’’

‘‘शाहीन बाग में लाखों लोग जमा हैं। दिल्ली की जनता को सोच-विचारकर ही फैसला लेना चाहिए। वे आपके घरों में घुस जाएंगे, आपकी मांओं-बहनों से दुष्कर्म करेंगे और उन्हें मार देंगे। आज जो दौर है, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह आपको भविष्य में बचाने नहीं आएंगे। इसके लिए दिल्ली की जनता को जागना होगा।’’

प्रवेश वर्मा के मुताबिक, ‘‘केजरीवाल कहते हैं कि वे शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के साथ हैं। मनीष सिसोदिया (उपमुख्यमंत्री) भी ऐसा ही कहते हैं। लोग जानते हैं कि कश्मीर में भी ऐसी ही आग भड़की थी, जहां मांओं-बहनों के साथ दुष्कर्म हुआ। अब यह केरल, उत्तर प्रदेश और हैदराबाद में हो रहा है।’’

भास्कर

Monday, January 27, 2020

दिल्ली : फ्री के नाम पर आप सरकार जहरीला पानी पिला रही, मुफ्त बिजली भी सभी को नहीं मिल रही: कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी

दिल्ली महिला कांग्रेस की अध्यक्ष शर्मिष्ठा मुखर्जी के मुताबिक, आप सरकार फ्री के नाम पर लोगों को जहरीला पानी पिला रही है। शर्मिष्ठा पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी हैं। उनके मुताबिक, फ्री स्कीम्स का सेंक्शन 31 मार्च तक है। यानी चुनाव के बाद फ्री योजनाएं बंद हो जाएंगी। 

अगर शाहीन बाग के जरिए सांप्रदायिक धुव्रीकरण होता है, तो कांग्रेस पर क्या असर होगा?
कांग्रेस मानती है कि देश में किसी भी नागरिक को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार है। शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे लोगों से वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने मुलाकात की है। भाजपा शाहीन बाग को चुनावी मुद्दा बना रही है। यह दर्शाता है कि उनके पास काम का कोई ट्रैक रिकॉर्ड नहीं है। वो शाहीन बाग को मुद्दा बनाकर दिल्ली चुनाव को पोलराइज करने की कोशिश कर रही है।
भाजपा का आरोप है कि शाहीन बाग प्रदर्शन के पीछे आप और कांग्रेस का हाथ है। इससे दिल्ली को खतरा है?
ये भाजपा और उसके नेताओं की सोच है। सीएए का पूरे देश में विरोध हो रहा है। दिल्ली में सिर्फ शाहीन बाग पर बात की जा रही है। धुव्रीकरण करके फायदा उठाने की कोशिश हो रही है।

'आप' सरकार की फ्री की योजनाओं पर कई लोग विरोध जता रहे हैं?
केजरीवाल फ्री लेकिन जहरीला पानी दे रहे हैं। फ्री बिजली को जो फायदा है वो मकान मालिक को मिल रहा है किराएदारों को नहीं। किराएदारों को तो प्रति यूनिट पैसा देना पड़ रहा है। ये फायदा कुछ लोगों तक ही पहुंच रहा है। किराए वालों की बड़ी संख्या है। वो भी समझते हैं कि ये सिर्फ वोट बैंक पॉलिसी है। इस स्कीम का सेंक्शन सिर्फ 31 मार्च तक है। इलेक्शन के बाद फ्री बिजली और फ्री पानी की योजनाएं खत्म। 

Thursday, January 23, 2020

दिल्ली: आम आदमी विधायकों का कारनामा; चुनाव लड़ रहे आप विधायकों ने पांच साल में खरीदीं 40 कारें, इनमें 35 पर वीआईपी नंबर

दिल्ली की सत्ता में आम आदमी कहकर उतरी आप के 46 विधायकों ने पांच साल के कार्यकाल में 40 कारें खरीदी हैं। इनमें से 35 कारें पर वीआईपी नंबर सजा है।

मंत्री कैलाश गहलोत के पास तीन और इमरान हुसैन के पास दो कार है, वो भी वीआईपी नंबर के साथ हनक रखते हैं। ये जानकारी प्रत्याशियों ने शपथपत्र में दी है। 
विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गाेयल, विधायक अजेश यादव, सहीराम और विधायक प्रोमिला टोकस ने दो-दो कारें खरीदीं जिन पर वीआईपी नंबर हैं। मंत्री इमरान हुसैन ने वर्तमान कार्यकाल में दो वीआईपी नंबर वाली कार खरीदी हैं। विधायक प्रवीन कुमार, प्रकाश जरवाल, भावना गौड़ और मोहिंदर गोयल ने एक-एक वीआईपी नंबर वाली कारें खरीदी हैं। मंत्री सत्येंद्र जैन और राजेंद्र पाल गौतम पुरानी कार से काम चला रहे हैं।

प्रत्याशियों का वीआईपी नंबर प्रेम भी समझें
अनिल बाजपेयी के पास वीआईपी नंबर की कार है। प्रहलाद सिंह साहनी की दो कार पर वीआईपी नंबर 0001 है। रामसिंह नेताजी की मर्सडीज का 0001 नंबर है।  विधायक जगदीश प्रधान ने वर्तमान कार्यकाल में दो कारें खरीदी हैं। कार पर वीआईपी नंबर 0001/0007 नंबर है।

नीलामी में दो साल से नहीं आया वीआईपी नंबर 0001, रिजर्व बोली 5 लाख से 
समझें वीआईपी नंबरों का गणित दिल्ली में वाहनों के वीआईपी नंबर की नीलामी ऑनलाइन होती है। हर नंबर की रिजर्व कीमत है जिससे आगे बोली लगती है। 0001 की बोली 5 लाख रुपए से शुरू होती है जो पिछले दो साल से नीलामी में नहीं आई है। जून 2017 में नीलामी में 0001 आया था तो 16 लाख रुपए में खरीदा गया था।  

इनके पास 0001 नंबर 
रामनिवास गोयल, इमरान हुसैन, कैलाश गहलोत, सहीराम, प्रकाश जरवाल, राजेश गुप्ता प्रोमिला टोकस, मदन लाल, नरेश बाल्यान, श्रीदत्त शर्मा, जितेंद्र सिंह तोमर, राजेश ऋषि।
Bhaskar

Wednesday, January 22, 2020

दिल्ली में आप का वोट बैंक रहे ऑटो चालक बोले- सरकार ने लॉलीपॉप थमाया

पांच साल पहले दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को जीत दिलाने में यहां के ऑटो चालकों की भूमिका अहम थी। अब इन ऑटो चालकों का आप और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रति नजरिया क्या है? पांच साल में उन्हें क्या मिला? क्या केजरीवाल सरकार ने उनकी मांगें या वादे पूरे किए? इन्हीं सवालों का जवाब खोजती दैनिक भास्कर की यह ग्राउंड रिपोर्ट... 

सुबह 10.30 बजे (करोल बाग). हमने आरकेपुरम के लिए ऑटो लिया। चालक थे मोहम्मद महबूब आलम। सफर के साथ बातचीत भी शुरू हुई। हमने पूछा- किसकी सरकार बनेगी? आलम बोले, “सरकार तो आप की ही बनेगी। लेकिन, केजरीवाल ने ऑटो वालों को लॉलीपॉप थमा दिया। साढ़े चार साल कुछ नहीं किया। चुनाव के 6 महीने पहले पासिंग का सालाना शुल्क माफ कर दिया।”
इसके बाद हमने आरकेपुरम से केंद्रीय सचिवालय जाने का प्लान बनाया। इस बार ऑटो चालक थे योगेश्वर शाह। वे 30 साल से ऑटो चला रहे हैं। हमने पूछा- दिल्ली सरकार कैसा काम कर रही है? शाह के जवाब में तल्खी दिखी। बोले, “कुछ समय पहले फिटनेस पास करने के चार्ज को फ्री करने का वादा किया, लेकिन कुछ हुआ नहीं। लंबी सवारी (ज्यादा दूरी वाली)- ओला और छोटी सवारी ई-रिक्शा ले गए। बस महिलाओं के लिए फ्री हो गई। अब ऑटो में जाने वाला कौन बचा?”

हमारा अगला सवाल था- कितना कमा लेते हैं दिनभर में? योगेश्वर ने कहा, “पहले के मुकाबले 50 फीसदी भी नहीं।
भास्कर

Sunday, January 19, 2020

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए बसपा प्रत्याशियों की घोषणा

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए बसपा ने 42 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। इसमें आप के बदरपुर से बागी विधायक नरायण दत्त शर्मा (एनडी शर्मा) को बदरपुर से टिकट दिया गया। आप ने यहां कांग्रेस छोड़ कर आप में शामिल हुए पूर्व विधायक राम सिंह नेताजी को प्रत्याशी बनाया था। इससे पहले शर्मा ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। 

रामसिंह नेताजी बसपा के टिकट पर ही बदरपुर सीट से 2008 में विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। बसपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह ने कहा कि अन्य सीटों पर भी प्रत्याशियों की जल्द घोषणा की जाएगी। फिलहाल राजौरी गार्डन से सरदार हरचेत सिंह, जनकपुरी से शेर सिंह, उत्तम नगर से दीपक राजपूत, बिजवासन से दीपक गोदरा, नई दिल्ली से राम गुलाम, मालवीय नगर से ज्ञानचंद्र गौतम, आरके पुरम से नागेश्वर दास, महरौली से सूरज प्रकाश, अंबेडकर नगर (आरक्षित) अरुण कुमार, संगम विहार से सुरेश चौधरी, कालकाजी से जेपी शर्मा, कोंडली (आरक्षित)- कर्मवीर सिंह, लक्ष्मी नगर से जयराम लाल, विश्वास नगर से दिलीप गौतम, कृष्णा नगर से मनजीत सिंह, गांधी नगर से टिकराज, शाहदरा से कुमारी इंदु, रोहताश नगर से त्रिवेंद्र कुमार, सीलमपुर से अफजल सिद्दीकी, घोंडा से हाजी मेहरुद्दीन, गोकलपुर (आरक्षित) से सुरेश मल्कानी , करावल नगर से नत्थू सिंह, तिमारपुर से उमाशंकर, बादली से लक्ष्मण, बवाना से रंजीत राम, किराड़ी से र¨वद्र कुशवाह, नांगलोई से संदीप, मंगोलपुरी (आरक्षित)से मुरारीलाल, शकूरबस्ती से आसाराम, वजीरपुर से मुस्तकीम अहमद, मॉडल टाउन से प्रमोद साहनी, सदर बाजार से असद आजमी, चांदनी चौक से सुदेश सरौलिया, पटेल नगर (आरक्षित) से प्रदीप रावल को प्रत्याशी बनाया गया है।

Saturday, January 18, 2020

दिल्ली : आम आदमी पार्टी (आप) हुई शर्मसार: विधायक व पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर का चुनाव रद

यह बात तो काफी पहले साफ हो गई थी कि 'आम आदमी पार्टी' (आ.आ.पा.) में केजरीवाल को छोड़ बाकि के नेता पहचाने हुए भ्रस्ट, अनपढ़ और बाकि पार्टियों के नेताओं से कहीं गए-गुजरे हैं। ऐसे में आ.आ.पा. सरकार के "कानून मंत्री" ही अगर भ्रष्ट और झूठे-मक्कार साबित हो जाएँ तो जनता के सामने आ.आ.पा. की असलियत आसानी से सामने आ जाती है।

2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में शैक्षणिक योग्यता के संबंध में नामांकन पत्र में गलत जानकारी देने के मामले में पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने त्रिनगर विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक जितेंद्र सिंह तोमर का चुनाव रद कर दिया। 

न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की पीठ ने कहा कि तोमर ने अपनी एलएलबी की डिग्री और व्यवसाय के संबंध में गलत जानकारी दी थी। तोमर आठ फरवरी को होने वाले आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में त्रिनगर से ही आप के प्रत्याशी हैं।

भाजपा नेता नंद किशोर गर्ग की याचिका पर पीठ ने कहा कि अपने चुनाव में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए तोमर ने ऐसा किया जो कि एक भ्रष्ट अभ्यास है।

न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की पीठ ने कहा कि चुनाव विशुद्ध रूप से एक वैधानिक अधिकार है और कानून का उल्लंघन करते हुए पाए जाने पर तोमर को निर्वाचित रहने की अनुमति नहीं दी जा सकती। 

40 पेज के आदेश में पीठ ने कहा कि तोमर स्नातक नहीं थे और वह तीन साल के एलएलबी पाठ्यक्रम के लिए योग्य भी नहीं थे। 

पीठ ने कहा कि तोमर की विधि की डिग्री मौजूद नहीं है और ऐसे में बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के साथ उसका नामांकन स्वेच्छा से शून्य है। पीठ ने कहा कि तोमर ने हलफनामे में उन तथ्यों को दिया था, जो कि झूठे थे और जिसे वह अपनी शैक्षणिक योग्यता के संबंध में सही नहीं मानते थे।पीठ ने कहा कि अपने चुनाव में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए तोमर ने ऐसा किया जो कि एक भ्रष्ट अभ्यास है।

दिल्ली चुनाव : पिछले चुनावों में आ.आ.पा. की जीत एकतरफा नहीं; बड़ी सँख्या में सीटों पर कड़ी टक्कर और नजदीकी हार-जीत हुईं

२०१५ के दिल्ली विधान सभा के चुनावों में हालाँकि आ.आ.पा. को "एकतरफा जीत" मिली थी (70 में से 67 सीटें); पर वास्तविकता यह है कि उसकी जीत उतनी भी "एकतरफा" नहीं थी आम आदमी पार्टी सरकार के भारी "विज्ञापन बजट" से ललचाई मीडिया कंपनियों ने इस बात को ज्यादा हाई लाइट करना उचित नहीं समझा आप निम्नांकित आंकड़े समझिए और खुद फैसला कीजिए: 

2015: आप की एकतरफा जीत, फिर भी 13 सीटों पर कड़ी टक्कर

आप (आम आदमी पार्टी) ने  70 में से 67 सीटें जीतीं। इसके बावजूद 13 सीटों पर जीत-हार में वोटों का अंतर 10% से कम था। इनमें से 11 सीटें आप के खाते में गई थीं। दो सीटें भाजपा को मिली थीं। सबसे नजदीकी मुकाबला नजफगढ़ सीट पर रहा था। यहां हार-जीत में 1% का अंतर रहा। आप नेता सत्येंद्र जैन शकूर बस्ती से 3133 वोटों से जीते थे।

नजदीकी हार-जीत वाली टॉप 3 सीटें 

सीट अंतर% (वोट) जीतने वाली पार्टी हारने वाली पार्टी
नजफगढ़ 1% (1555) आप आईएनएलडी
कृष्णा नगर 1.7% (2277) आप भाजपा
शकूर बस्ती 3% (3133) आप भाजपा

भाजपा सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सरकार नहीं बना सकी। 

उससे पहले २०१३ के चुनाव में तो हालत इससे भी ख़राब थी. आप खुद देखिए 2013 में 46 सीटों पर जीत-हार का अंतर :

2013: आप ने अपनी 28 में से 22 सीटें 10% के कम अंतर से जीतीं

भाजपा सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सरकार नहीं बना सकी। 2013 में 46 सीटों पर जीत-हार का अंतर 10% से कम था। 27 सीटों पर 5% से कम और 12 सीटों पर 2% से कम था। जिन 12 सीटों पर 2% से कम अंतर रहा, उनमें 7 सीटें आप को मिलीं, भाजपा को 3 मिलीं। आप ने कुल 28 सीटें जीतीं, उनमें से 22 सीटें 10% से कम वोटों के अंतर से जीतीं।

नजदीकी हार-जीत वाली टॉप 3 सीटें 

सीट अंतर% (वोट) जीतने वाली पार्टी हारने वाली पार्टी
विकासपुरी 0.2% (405) आप भाजपा
आरके पुरम 0.4% (306) भाजपा आप
दिल्ली कैंट 0.5% (355) आप भाजपा

इससे यह साबित होता है कि २०२० के चुनाव भी दिलचस्प होंगे

दिल्ली चुनाव: भाजपा के 57 प्रत्याशी घोषित; चार महिलाएँ

भाजपा ने शुक्रवार को 70 विधानसभा सीटों में से 57 पर प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी।

करावल नगर से आप के मौजूदा विधायक कपिल मिश्रा को मॉडल टाउन से टिकट दिया गया है।

भाजपा ने 4 महिलाओं को टिकट दिया है। इनमें विभा गुप्ता, लता सोढ़ी, शिखा राय और किरण वैद्य का नाम शामिल।

2015 में जीते तीनों विधायकों को टिकट मिला है। पिछले विधानसभा चुनाव में रोहिणी से विजेंद्र गुप्ता, मुस्तफाबाद से जगदीश प्रधान और विश्वास नगर से ओपी शर्मा को जीत मिली थी।

विधानसभा सीट
उम्मीदवार
नरेला
नील दमन खत्री
तिमारपुर
सुरेंद्र सिंह बिट्टू
आदर्श नगर
राजकुमार भाटिया
बादली
विजय भगत
रिठाला
मनीष चौधरी
बवाना
रवींद्र कुमार
मुंडका
आजाद सिंह
किराड़ी
अनिल झा
सुल्तानपुर माजरा
रामचंद्र छाबड़िया
मंगोलपुरी
करम सिंह कर्मा
रोहिणी
विजेंद्र गुप्ता
शालीमार बाग
रेखा गुप्ता
शकूर बस्ती
एचसी वत्स
त्रिनगर
तिलक राम गुप्ता
वजीरपुर
महेंद्र नागपाल
मॉडल टाउन
कपिल मिश्रा
सदर बजार
जय प्रकाश
चांदनी चौक
सुमन कुमार गुप्ता
मटिया महल
रवींद्र गुप्ता
बल्लीमारान
लता सोढ़ी
करोल बाग
योगेंद्र चंदोलिया
पटेल नगर
परवेश रतन
मोती नगर
सुुभाष सचदेवा
मादिपुर
कैलाश सांकला
तिलक नगर
राजीव बब्बर
जनकपुरी
आशीष सूद़
विकासपुरी
संजय सिंह
उत्तम नगर
कृष्ण गहलोत
द्वारका
प्रद्युम्न राजपूत
मटियाला
राजेश गहलोत
नजफगढ़
अजीत खरखरी
बिजवासन
सतप्रकाश राणा
पालम
विजय पंडित
राजेंद्र नगर
आरपी सिंह
जंगपुरा
इमरित सिंह बख्शी
मालवीय नगर
शैलेंद्र सिंह मोंटी
आरके पुरम
अनिल शर्मा
छतरपुर
ब्रह्म सिंह तंवर
देवली
अरविंद कुमार
अंबेडकर नगर
खुशीराम 
ग्रेटर कैलाश
शिखा राय
तुगलकाबाद
विक्रम विधूड़ी
बदरपुर
रामवीर सिंह विधूड़ी
ओखला
ब्रह्म सिंह
त्रिलोकपुरी
किरण वैद्य
कोंडली
राजकुमार ढिल्लों
पटपड़गंज
रवि नेगी
लक्ष्मी नगर
अभय कुमार वर्मा
विश्वास नगर
ओपी शर्मा
गांधी नगर
अनिल बाजपेयी
रोहतास नगर
जितेंद्र महाजन
सीलमपुर
कौशल मिश्रा
घोंडा
अजय महावत
बाबरपुर
नरेश गौड़
गोकलपुर
रंजीत कश्यप
मुस्तफाबाद
जगदीश प्रधान
करावल नगर
मोहन सिंह बिष्ट